सफलता की तरह कोई भी सफल नही होता

सफलता की तरह कोई भी सफल नही होता
 आप किनके साथ अपना समय बिताना चाहेगे 
.व्यक्ति , जो कि निराशावादी , शंकालु और उदास रहता है और हमेशा इस बात के प्रति आश्वस्त रहता है कि आकाश में प्रकट होनेवाला एक मात्र बादल तूफान ही लाएगा । 
• वह व्यक्ति , जो कि आशावादी है और आत्म - विश्वास व उल्लास पूर्ण रहता है और हमेशा किसी भी समस्या का सामना करने , समाधान ढूँढ़ने फायदों में उत्तरोत्तर वृद्धि करने में समर्थ रहता है । आपको पता चल जाएगा कि पी.एम.ए. के कारण आप दूसरे लोगों के साथ मित्रता करने और उनका सहयोग प्राप्त करने में बाधाओं पर विजय प्राप्त करने और समस्याओं को अवसरों में परिवर्तित करने में समर्थ होते हैं । हम सभी अपनी आदतों के गुलाम हैं । आपकी आदतें और उनका प्रभाव या तो सकारात्मक हैं या नकारात्मक , यह आपकी रुचियों पर निर्भर करता है । आप अपने मस्तिष्क पर नकारात्मक विचारों को हावी न होने देने का फैसला कर सकते हैं । आप नकारात्मक विचारों और भावों को , वे जब भी उत्पन्न हों , के स्थान पर सकारात्मक भाव और विचार उत्पन्न कर सकते हैं । सकारात्मक आदतें आपके मस्तिष्क को
अधिक सजग रहने , आपकी कल्पनाओं को अधिक सक्रिय रखने , आपके उत्साह को बढ़ाने और इच्छा शक्ति को मजबूत करने में स्वाभाविक रूप से प्रभावित करती हैं । पी.एम.ए. अपने फायदों को अपनी ओर उसी तरह से आकर्षित करता है , जिस तरह चुंबक लोहे को । पी . एम . ए . व्यक्ति , सफलता और संपत्ति को आपकी ओर आकर्षित करता है । एक आशावादी दृष्टिकोण को रोका नहीं जा सकता है । पी.एम.ए. शंकाओं और निराशाओं से आपकी रक्षा करता है । जब आपके जीवन में विपत्ति आती है - और यह हम सभी के जीवन में आती है , यह निराशाओं से आपको बचाता है और परिस्थिति के सामने पराजित होने से आपको रोकता है । वास्तव में पी.एम.ए. आपको किसी भी परिस्थिति को स्पष्ट रूप से देखने में समर्थ बनाता है , ताकि आप उनसे सीख लेकर और उस ज्ञान का प्रयोग करते विपत्ति को संभावित सफलता में बदल सकें । पी.एम.ए. आपसे आनेवाले उद्दीपन के प्रति सही मानसिक प्रतिक्रिया है । पी . एम . ए . पर आपका नियंत्रण होने के कारण आप सही ढंग से सोचते हैं , सही ढंग से कार्य करते हैं और प्रत्येक व्यक्ति या स्थिति को सही सँभालते हैं । आपका मस्तिष्क और आपका जीवन आपका है , जिसे आप जैसा ठीक समझें , प्रयोग कर सकते हैं । पी.एम.ए. आपको सकारात्मक रूप से सोचना और कार्य करना है । आप अपनी इच्छाओं और अपेक्षाओं को सच में बदलने के लिए पी.एम.ए. का प्रयोग कर सकते हैं । आपके पास जो कुछ भी है , जब आप उसका श्रेष्ठ प्रयोग करना सीख जाते हैं तो अवसरों को काबू में करना सीख जाते हैं , जबकि दूसरों को वही समस्याएँ लगती हैं । आप महान् ब्रिटिश प्रधानमंत्री बेंजामिन डिजरायली के इस दर्शन का अभ्यास कर सकते हैं , हम परिस्थितियों के दास नहीं हैं । हम परिस्थितियों को बनानेवाले हैं ।
अपने आपको पी.एम.ए. के साथ श्रम करने के लिए प्रशिक्षित करने का एक तरीका यह है कि किसी आत्म - प्रेरक का चुनाव कीजिए , कोई शब्द या वाक्यांश , जो आपके लिए अर्थपूर्ण हो और जो आपको आपके पी.एम.ए. और वह लक्ष्य , जो पाने के लिए आप प्रयासरत हैं , के प्रति आपके संकल्प की याद दिलाता है । बार - बार इसे अपनी स्मृति में दोहराने के कारण , विशेष रूप से ऐसी स्थिति में जब आप स्वयं को ऐसी स्थिति में पाते हैं जहाँ पी . एम.ए. की विशेष रूप से जरूरत होती है तो आप सबसे उपयुक्त संभव तरीके से कार्य करने के अपने संकल्प को मजबूत करते हैं । 
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नोट-जीवन में सफ़लता पाने के लिए मेने कुछ कोशिश की है। की आप लोगो को motivate कर सकू।
अगर मेने कुछ गलत लिखा है तो आपसे माफी चाहूंगा।
मेरी इस लेखन से किसी व्यक्ति विशेष या किसी लेखक/पुस्तक या किसी से कोई संबध नही है।
हमारा मतलब किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना नहीं है।
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